•   Jul / 02 / 2015 Thu 03:48:21 PM

साल का आखिरी चंद्रग्रहण आज, 3 घंटे दिखाई देगा नजारा

Jul 16 2019

साल का आखिरी चंद्रग्रहण आज, 3 घंटे दिखाई देगा नजारा

इंडिया इमोशंस न्यूज आज रात यानी मंगलवार रात को इस साल का दूसरा चंद्र ग्रहण (Lunar Eclipse 2019) का नजारा दिखाई देगा। यह आंशिक चंद्र ग्रहण (Partial Lunar Eclipse) होगा जिसे पूरे देश में देखा जा सकेगा। यह आंशिक चंद्रग्रहण (Chandra Grahan) होगा जिसे अरुणाचल प्रदेश के दुर्गम उत्तर पूर्वी हिस्सों को छोड़कर देश भर में देखा जा सकेगा। यह रात 1 बजकर 31 मिनट से शुरू होकर 4 बजकर 30 मिनट तक रहेगा। ऐसा 149 साल बाद होने जा रहा है जब गुरु पूर्णिमा (Guru Purnima) के दिन ही चंद्र ग्रहण (Chandra Grahan) भी पड़ेगा। एम पी बिड़ला तारामंडल के शोध एवं अकादमिक निदेशक देबीप्रसाद दुआरी ने बताया कि यह ग्रहण मंगलवार देर रात एक बजकर 31 मिनट पर शुरू होगा। यह आंशिक ग्रहण सबसे स्पष्ट रूप से सुबह 3 बजे नजर आएगा जब चंद्रमा का ज्यादातर हिस्सा ढक जाएगा।

2021 में अगला चंद्रग्रहण...
देबीप्रसाद दुआरी ने कहा, आकाशीय गतिविधियों में दिलचस्पी रखने वालों को इस मौके को नहीं गंवाना चाहिए क्योंकि 2021 तक फिर ऐसा स्पष्ट रूप से दिखने वाला कोई चंद्रग्रहण नहीं लगेगा।” दुआरी ने बताया कि दक्षिण अमेरिका, यूरोप, अफ्रीका, एशिया और ऑस्ट्रेलिया के सिवाय यह खगोलीय घटना देश के हर हिस्से से नजर आएगी। उन्होंने बताया कि चंद्रमा पर बुधवार सुबह 4:29 बजे तक आंशिक ग्रहण रहेगा।

किन देशों में दिखेगा चंद्र ग्रहण...
यह चंद्र ग्रहण पूरे भारत में दिखाई देगा। दुनिया भर में यह ग्रहण एशिया, यूरोप, ऑस्‍ट्रेलिया और दक्षिण अमेरिका के अधिकतर हिस्‍सों में दिखाई देगा।

भारत में कहां-कहां दिखाई देगा चंद्र ग्रहण...
यह चंद्र ग्रहण पूरे भारत में देखा जा सकता है। लेकिन देश के पूर्वी क्षेत्र में स्थित बिहार, असम, बंगाल और उड़ीस में ग्रहण की अवधि में ही चंद्र अस्‍त हो जाएगा।

किस समय दिखेगा आंशिक चंद्र ग्रहण...
चंद्र ग्रहण कुल 2 घंटे 59 मिनट का होगा। भारतीय समय के अनुसार चंद्र ग्रहण 16 जुलाई की रात 1 बजकर 31 मिनट पर शुरू होगा और 17 जुलाई की सुबह 4 बजकर 30 मिनट पर समाप्‍त हो जाएगा। इस दिन चंद्रमा पूरे देश में शाम 6 बजे से 7 बजकर 45 मिनट तक उदित हो जाएगा इसलिए देश भर में इसे देखा जा सकेगा।

इस ग्रहण को कैसे देख सकते हैं...
चंद्र ग्रहण को देखने के लिए किसी विशेष सावधानी की जरूरत नहीं होती है। चंद्र ग्रहण पूरी तरह से सुरक्षित होता है इसलिए आप इसे नंगी आंखों से देख सकते हैं। अगर आप टेलिस्‍कोप की मदद से चंद्र ग्रहण देखेंगे तो आपको बेहद खूबसूरत नजारा दिखाई देगा।

ग्रहण का सूतक काल कब लगेगा...
शास्‍त्रों के नियम के अनुसार चंद्र ग्रहण का सूतक ग्रहण से नौ घंटे पहले ही शुरू हो जाता है। तो इस हिसाब से सूतक 16 जुलाई को शाम 4 बजकर 31 मिनट से ही शुरू हो जाएगा। ऐसे में सूतक काल शुरू होने से पहले गुरु पूर्णिमा की पूजा विधिवत् कर लें। सूतक काल के दौरान पूजा नहीं की जाती है। सूतक काल लगते ही मंदिरों के कपाट बंद हो गए।

ग्रहण काल आरंभ: 16 जुलाई की रात 1 बजकर 31 मिनट...
ग्रहण काल का मध्‍य: 17 जुलाई की सुबह 3 बजकर 1 मिनट।
ग्रहण का मोक्ष यानी कि समापन: 17 जुलाई की सुबह 4 बजकर 30 मिनट।

ग्रहण के दुष्‍प्रभाव से बचने के लिए क्‍या उपाय करें...
वैसे तो ग्रहण के पीछे वैज्ञानिक कारण हैं, लेकिन धार्मिक मान्‍यताओं में ग्रहण का विशेष महत्‍व है। ग्रहण काल को अशुभ माना गया है। सूतक की वजह से इस दौरान कोई भी धार्मिक कार्य नहीं किया जाता है। धार्मिक मान्‍यताओं में विश्‍वास रखने वाले लोग ग्रहण के वक्‍त शिव चालिसा का पाठ कर सकते हैं। साथ ही ग्रहण खत्‍म होने के बाद नहाकर गंगा जल से घर का शुद्धिकरण किया जाता है। फिर पूजा-पाठ कर दान-दक्षिणा देने का विधान है।

रात को तीन बजकर एक मिनट पर पूरे चरम पर...
दुआरी ने बताया कि मंगलवार की रात चंद्रमा का केवल एक हिस्सा धरती की छाया से गुजरेगा। बुधवार को सुबह 3:01 पर चंद्रमा का 65 प्रतिशत व्यास धरती की छाया के तहत होगा। उन्होंने बताया कि भारत में अगला चंद्रग्रहण 26 मई, 2021 को लगेगा, तब यह पूर्ण चंद्रग्रहण होगा।

क्यों लगता है चंद्र ग्रहण...
खगोल विज्ञान के अनुसार, जब चंद्रमा, पृथ्वी और सूर्य जब एक सीध में होते हैं तब ग्रहण पड़ता है। यदि चंद्रग्रहण की बात करें तो जब सूर्य और चंद्रमा के बीच धरती आ जाती है तो उसकी छाया चंद्रमा पर पड़ती है। यही स्थिति चंद्रग्रहण कहलाती है। खगोल विज्ञानियों के मुताबिक, मंगलवार रात लगने वाला ग्रहण इस साल का आखिरी चंद्र ग्रहण है। पिछली बार 12 जुलाई, 1870 को गुरु पूर्णिमा और चंद्र ग्रहण एक साथ पड़े थे। हिंदू पंचांग की मानें तो इस ग्रहण को खंडग्रास चंद्र ग्रहण कहा जा रहा है।