•   Jul / 02 / 2015 Thu 03:48:21 PM

कानपुर : नहीं थमा डेंगू का कहर, अब तक 50 से ज्यादा की मौत

Nov 07 2019

कानपुर : नहीं थमा डेंगू का कहर, अब तक 50 से ज्यादा की मौत

इंडिया इमोशंस न्यूज डेंगू से हरतरफ अफरातफरी के हालात बने हुए हैं। मरीजों की संख्या से सरकारी और निजी अस्पतालों में अव्यवस्था की स्थिति पैदा हो गई है। हैलट इमरजेंसी में गम्भीर मरीज फर्श पर लेटे थे। स्ट्रेचर, ट्राली सभी पर मरीज थे। बुधवार को एडीएम और एसीएमओ ने इमरजेंसी व वार्डों का जायजा भी लिया।

सबसे खतरनाक स्थिति डेंगू शॉक सिंड्रोम की पैदा हो गई है। इससे पीड़ित बच्चे अधिक भर्ती हो रहे हैं। पांच लोगों की मौत मंगलवार की रात और बुधवार तक हुई है। मरने वालों की संख्या अब तक 50 पार हो चुकी है। बुधवार को मरने वालों में दो बच्चे भी हैं इनमें एक बच्चा मर्सी मेमोरियल स्कूल का था। वहीं, कल्याणपुर के एक चिल्ड्रेन व मैटरनिटी अस्पताल में एक छह वर्षीय बच्चे अमित की मौत हुई है। झाड़ी बाबा पड़ाव कैंट निवासी 35 वर्षीय मधु की मौत हैलट इमरजेंसी में हुई है। छोटी जूही निवासी चंदा की मौत भी हैलट में हो गई। जाजमऊ के वाजिदपुर निवाली 19 वर्षीय अखलाक की मौत हुई है। वह पहले कांशीराम अस्पताल में भर्ती था, फिर उसे रक्षा विहार में एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

हैलट के विशेषज्ञों के मुताबिक डेंगू शॉक सिंड्रोम में सबसे अधिक मरीज बीते दो दिनों से आ रहे हैं। डॉक्टरों का यह भी कहना है कि हैमरेजिक डेंगू के मरीज सामान्य वार्ड में मरीजों का इलाज संभव है मगर शॉक सिंड्रोम के मरीजों को आईसीयू की जरूरत पड़ती है। उधर, जिला प्रशासन की ओर से एडीएम और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने इलाज का जायजा लिया है।

आईसीयू की कमी मरीजों पर भारी: हैलट में आईसीयू की कमी मरीजों पर भारी पड़ रही है। एक डॉक्टर का कहना है कि भगवान भरोसे गरीबों का इलाज हो रहा है। कई ऐसे मरीज हैं जिन्हें आईसीयू की जरूरत है पर बेड उपलब्ध नहीं हैं। प्राइवेट में वह ले नहीं जा सकते हैं। प्राइवेट भी अधिकतर फुल चल रहे हैं।

जूनियर डॉक्टर गम्भीर, मेडिकल छात्रों को भी डेंगू
मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के एक एमडी मेडिसिन अंतिम वर्ष के छात्र को डेंगू हुआ है। डा. विनय कुमार हास्टल में रह रहे हैं। बुधवार को उनके साथी डॉ. प्रेम सिंह की ओपीडी में लेकर आए। डॉ. प्रेम सिंह ने बताया कि डॉ. विनय को भर्ती किया जा रहा है। उधर, हास्टल में कई मेडिकल छात्रों को डेंगू है। बुखार की दहशत में कुछ छात्र अपने घर भी चले गए हैं।

पूरे परिवार को चिकनगुनिया, हैलट ओपीडी पहुंची महिला
डेंगू के साथ चिकनगुनिया का हमला है। हैलट में इस बीमारी से पीड़ित भी आने लगे हैं। डॉ. प्रेम सिंह की ओपीडी में रिंकी नाम की महिला आई थी, उसकी चिकनगुनिया की रिपोर्ट पॉजिटिव थी। रिंकी का कहना है कि परिवार के अन्य सदस्यों को भी यह बीमारी है। रिंकी के हाथ-पैर में सूजन है। जोड़ों में सूजन होने से चलने फिरने में दिक्कत हो रही है।

प्लेटलेट के लिए कीजिए स्वैच्छिक रक्तदान
हैलट उर्सला में प्लेटलेट की कमी नहीं है मगर मरीजों को इंतजार करना पड़ रहा है। ब्लड बैंक की ओर से लोगों से सवैच्छिक रक्तदान करने की अपील की गई है। कुछ निगेटिव ब्लड ग्रुप के खून की कमी के चलते प्लेटलेट की उपलब्धता में कुछ अड़चन है हालांकि सभी मरीजों को उपलब्ध है। ब्लड बैंक प्रशासन ने प्लेटलेट के बाहरी लोगों से सम्पर्क करने के लिए सावधान किया है। सीधे ब्लड बैंक के काउंटर पर आएं।

डेंगू हैमरेजिक बुखार के लक्षण

  • पेट में दर्द, नाक और मसूढ़ों से खून आना
  • यूरिन, शौच या उल्टी में खून आना
  • स्किन पर गहरे नीले-काले रंग के छोटे या बड़े निशान पड़ जाना
  • मरीज में एनीमिया जैसे लक्षण यानी खून की कमी
  • सांस लेने में तकलीफ
  • डेंगू 'शॉक सिंड्रोम' के लक्षण

मरीज को बेचैनी होना

  • तेज बुखार के बावजूद उसकी त्वचा का ठंडा होना
  • मरीज का धीरे-धीरे बेहोश होना
  • मरीज की नाड़ी कभी तेज और कभी धीरे चलने लगती है
  • ब्लड प्रेशर एकदम लो हो जाना