अफगान नागरिकों ने अफगनिस्तान की हालात के लिए पाकिस्तान को ठहराया जिम्मेदार, किया विरोध प्रदर्शन

Sep 10 2021

अफगान नागरिकों ने अफगनिस्तान की हालात के लिए पाकिस्तान को ठहराया जिम्मेदार, किया विरोध प्रदर्शन

नई दिल्ली। अफगानिस्तान के हालातों पर दिल्ली में आज अफगान नागरिकों ने पाकिस्तान के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर किया। अफगान नागरिकों के अनुसार, उनके देश के हालातों का जिम्मेदार सिर्फ पाकिस्तान है। पाकिस्तान ही देश में आतंकवादियों को भेजता है। दरअसल अफगानिस्तान में तालिबान का कब्जा होने के बाद से अफगानी मूल के लोग परेशान नजर आ रहे हैं। वो लगातार अपने देश को तालिबान से मुक्त कराने की मांग कर रहे हैं।

इसी बीच दिल्ली में रहे रहे अफगान नागरिक लगातार इस सरकार का विरोध कर रहे हैं। दिल्ली के चाणक्यपुरी क्षेत्र में अफगान नागरिक जमा हुए जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे।

सभी अफगानिस्तान के नागरिकों ने पाकिस्तान को लेकर नाराजकी व्यक्त की। यह सभी लोग पाकिस्तानी दूतावास तक जाने की मांग कर रहे थे, लेकिन दिल्ली पुलिस द्वारा इन्हें इजाजत नहीं दी गई।

पाकिस्तान के खिलाफ अपना विरोध दर्ज करा रहे एक 8 वर्षीय अफगानीं बच्चे मोहम्मद इल्यास ने बताया, मैं अपने देश के लिए लड़ रहा हूं, क्योंकि हमने मुश्किल वक्त में अन्य देशों की मदद की है, पर उन्होंने हमारी मुश्किल वक्त में मदद नहीं की।

"मेरी शिकायत अमरीका से है, वो हमारे साथ ऐसा क्यों कर रहा है। वो हमारी मदद क्यों नहीं कर रहा वो तालिबानों की मदद कर रहा है। वहीं तालिबानों को हथियार भी दिए ताकि हमारे लोगों को मार सकें। हमने अमरीका के साथ तो कुछ नहीं किया।

बच्चे ने आगे कहा , "मेरे परिवार के सदस्य अफगानिस्तान में फंसे हुए हैं, हमारे पास न खाने के लिए है, न पीने के लिए। वहां घर से बाहर कदम रखेंगे तो तालिबान लेकर चले जायेंगे।

अफगान नागरिक डॉ अब्दुल गफूर अरब ने आईएएनएस से कहा , "पाकिस्तान बीते 40 सालों से हमारे देश में आतंकबादी भेज रहा है, उन्होंने हमारे देश को टुकड़े- टुकड़े कर दिया है। अफगान में अभी भी पाकिस्तान का आर्मी मौजूद है, जितने भी तालिबान हैं, वो पाकिस्तान से है।"

डॉ अब्दुल गफूर कहते हैं, "हम हर दिन मर रहे हैं, अब तक सैकड़ों अफगानी मर चुके हैं। सारा तालिब, दाइश सब पाकिस्तान में बना है, ये तालिबानी खुद पाकिस्तानी हैं, बिना पाकिस्तानी ट्रेनिंग के तालिबान कुछ नहीं कर सकता।"

दरअसल अगस्त महीने में तालिबान ने अफगानिस्तान पर कब्जा करने के बाद नई सरकार का गठन भी कर लिया है, जिनमें कई आतंवादी चहरे भी शामिल है।

जानकारी के अनुसार, अफगानिस्तान की अंतरिम सरकार में करीब 14 ऐसे सदस्य हैं जो संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आतंकियों की ब्लैक लिस्ट में है। इनमें कार्यवाहक प्रधान मंत्री मुल्ला हसन और उनके दोनों प्रतिनिधि भी शामिल हैं।

अफगान नागरिक नीलाब ने आईएएनएस को बताया, "पाकिस्तान को किसने हक दिया है हमारे देश में जाकर बम ब्लास्ट करने को ? हमारी दुनिया के सभी देशों से यही मांग है कि, पाकिस्तान को चेतावनी दी जाए। क्यों वो हमारे देश में हिंसा फैला रहा है ? पाकिस्तानी क्या अफगानी हैं ? नहीं हैं ! पाकिस्तान अपना मुल्क संभाले ,हमारे मुल्क में दखलंदाजी न दें।"

"सभी तालिबानी पाकिस्तानी है, अफगानी अपने लोगों को नहीं मारता है, मसूद का बेटा वो अपने देश को बचा रहा है, क्योंकि वो अफगानी है। यदि वो पाकिस्तानी होता तो नहीं बचाता।"

--आईएएनएस