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बहू की मौत का आरोपी प्रिंसिपल ससुर 18 दिन के बाद भी गुडंबा पुलिस की गिरफ्त से दूर

Posted on : Mar 21 2018


बहू की मौत का आरोपी प्रिंसिपल ससुर 18 दिन के बाद भी गुडंबा पुलिस की गिरफ्त से दूर

indiaemotions news network, रतन सिंह बबलू, लखनऊ। 18 दिन बीत जान के बाद भी बहू का आरोपी प्रिंसिपल को पुलिस अभी तक गिरफ्तार नही कर पाई है। जबकि मृतका के पति को पुलिस ने अरेस्ट कर जेल भेज दिया था। प्रिंसिपल अचलसिंह के बेटे अजयसिंह ने बीते चार मार्च की रात अपनी पत्नी अनुसुइया(32)को बल्ले से जबरदस्त पिटाई कर दी थी। अजय की पिटाई से मजबूर होकर अनुसुइया ने फासी के फंदे पर लटक गई थी। फासी के फंदे से लटक रही अनुसुइया को बाप-बेटे ने नीचे उतारा और पुलिस को सूचना दिये बगैर पड़ोसी से प्रिंसिपल ने बहू की बीमारी का झूठा बहाना बनाकर कार मांगी और उसको कार में लाद कर बारांबकी में इलाज के लिए ले जा रहे थे,लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गयी। कार चला रहा कार चालक को जब इस मामले की जानकारी हुई। तो वह आधे रास्ते से वापस लौटा आया। प्रिसिंपल व उसका बेटा मृतका को बेड पर लिटा दिया और काफी देर बाद पुलिस को घटना की सूचना दी।

आगे पढ़े पूरा मामला

बारांबकी के सतरिख में पूर्व माध्यमिक विद्यालय में अचलसिंह प्राधानाचार्य हैं और वह परिवार के साथ गुडंबा के सेक्टर-G जानकीपुरम् कालोनी में दो बेटे और उनकी बहुओं के रहते हैं। बताया जाता है,कि अचलसिंह का बड़ा अजयसिंह नशेड़ी है,जबकि उसकी पत्नी अनुसुइया आंगनबाड़ी में काम करती थी। नशेड़ी अजय अक्सर अपने पत्नी से मारपीट करता रहता था। मोहल्ले वालों के मुताबिक बीते दो दिनों से अजय रात में नशे में धुत होकर घर आता था और अपनी पत्नी से मारपीट करता था। पड़ोसियों के मुताबिक 4 मार्च की देर रात अनुसुइया के रोने चिल्लाने की आवाजें आ रही थी।

झूठ बोल पड़ोसी से रात में मांगी कार

पड़ोसी सुत्रों ने बताया, कि 5 मार्च की सुबह करीब चार बजे प्रिसिंपल अचलसिंह एक पड़ोसी के घर गये और बोले उसकी पुत्र बहू अनुसुइया अचानक बीमार हो गयी है,उसे इलाज की शक्त जरूरत है। प्रिसिंपल के अनुरोध पर पड़ोसी ने अधमरी अनुसुइया को कार में लाद कर इलाज के लिए निकल पड़ा। बताया जाता है,कि चालक ने एक निजी अस्पताल के पास कार रोंकी। लेकिन प्रिंसिपल ने चालक से कहा इलाज बहू का बारांबकी के एक अस्पताल में होगा। प्रिसिंपल की बात मान कर कार चालक चल पड़ा। कार बारांबकी के सफेदाबाद पहुंची थी,तभी पता चला कि अनुसुइया की मौत हो चुकी है। अनुसुइया की शांसे थम जाने पर नशेड़ी व उसके पिता लाश को डिकाने लगाना चाह रहे थे। लेकिन कार मालिक उनकी इस बात से सहमत नही हुआ और वह कार वापस घर ले आया। उसके बाप-बेटे ने मिलकर लाश को कार से नीचे उतार विस्तार पर लिटा दिये।

चश्मदीद था कार चालक

मृतका के मनीषसिंह ने बताया,कि बहन की मौत की सूचना उनके पड़ोसी ने करीब 11 बजे दी। जबकि उसकी बहन की मौत रात में पिटाई से हुई थी। पूरे मामले की सच्चाई का गवाह कार चालक है,जो घायल अवस्था में बहन को कार में लाद कर इलाज के लिए निकला था। पुलिस कार चालक से पूंछतांछ करके सच्चाई को जानने की कोशिश क्यों नही कर रही है।

क्या बोले पुलिस अधिकारी

इंस्पेक्टर गुडंबा रामसूरत सोनकर का कहना है, कि मृतका अनुसुइया के भाई की तहरीर पर पति और ससुर की खिलाफ मुकदमा दर्ज है। पति को जेल भेज दिया गया है और इस शाजिश में सामिल मृतका का ससुर फरार चल रही है। उसकी गिरफ्तारी के लिए उसके ठिकाने पर दबिश दी जा रही है।



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