•   Jul / 02 / 2015 Thu 03:48:21 PM

कोरोना जांच: तय रेट से ज्यादा वसूली करने वाले पैथोलॉजी के पंजीकरण होंगे कैंसिल

Sep 20 2020

कोरोना जांच: तय रेट से ज्यादा वसूली करने वाले पैथोलॉजी के पंजीकरण होंगे कैंसिल

india emotions, लखनऊ। सरकार द्वारा कोरोना जांच के रेट कम किए जाने के बाद राजधानी की निजी पैथोलॉजी ने तीसरे दिन भी जांचे नही की। निजी पैथोलॉजी में जांच नहीं होने के कारण अब सरकारी अस्पतालों में होने वाली कोविड जांच का लोड बढ़ गया। वहीं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि शासन द्वारा तय किये गए रेट पर जांच न करने वाली पैथोलॉजी के खिलाफ नियमा अनुसार कार्यवाही की जाएगी। पंजीकरण भी रद्द किया जा सकता है।

बता दे कि शासन ने बीते दिनों कोरोना जांच की नई कीमत 1600 रुपये तय की थी। इस रेट पर निजी पैथोलॉजी ने जांच करने में सहमति नही बनाई। जिसके बाद बीतें शुक्रवार से सभी निजी सेंटरों पर जांच नहीं हुई। वही पैथोलॉजी के इस रवैए से नाराज स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ऐसे पैथोलॉजी की सूची तैयार कर रहे हैं जिन्होंने शासन के तय किए रेट पर अभी तक एक भी जांच नहीं की। इनके ख़िलाफ़ एक नोटिस जारी किया जाएगा अगर उसके बाद भी जांच नही शुरू होती है तो पंजीकरण भी रद्द किया जाएगा।

बढ़ रहा सरकारी अस्पतालों पर लोड
निजी पैथोलॉजी मे कोरोना जांच न होने के कारण कई संदिग्ध रोगी केजीएमयू, सिविल, बलरामपुर अस्पताल की पैथोलॉजी में जांच के लिए पहुंच रहे है। सिविल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ आशुतोष दुबे ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से अस्पताल में कोरोना जांच का लोड बढ़ गया है। रोजाना होने वाली जांचों के मुकाबले 20 प्रतिशत जांचे अधिक होने लगी है। यही हाल बलरामपुर अस्पताल का है।

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निजी अस्पतालों में होने वाली कोरोना जांच का रेट शासन से तय हुआ। जिसे सभी को मानना होगा। ऐसा न करने वालो की सूची बना कर कार्यवाही की जाएगी। पंजीकरण भी रद्द किए जाने की संस्तुति की जाएगी। - सीएमओ डॉ आरपी सिंह