•   Jul / 02 / 2015 Thu 03:48:21 PM

मेरे उपर भी लागू होती है सोशल डिस्टेंसिंग, घर पर रहिये-घर पर रहिये-घर पर रहिये: मोदी

Mar 24 2020

मेरे उपर भी लागू होती है सोशल डिस्टेंसिंग, घर पर रहिये-घर पर रहिये-घर पर रहिये: मोदी
इंडिया की हेल्थ को 15 हजार करोड़ की बूस्टर डोज: पीएम

इंडिया इमोशंस न्यूज डेस्क, नई दिल्ली। जिंदा रहना है तो... घर पर रहिये, घर पर रहिये, घर पर रहिये ... प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज शाम देश को अपने संबोधन में वैष्विक जानलेवा महामारी कोरोना के प्रति सतर्क करते हुए तीन बार उक्त लाइनों को दोहराया। बाहर निकलना क्या होता है यह 21 दिन तक भूल जाएं। पीएम मोदी ने कहा कि, सोशल डिस्टेंसिंग ही है जिससे इस बीमारी से बचा जा सकता है और यह बात मेरे उपर भी लागू होती है।

पीएम ने घोषणा की कि, आज रात 12 बजे से पूरे देश में पूरा लॉक डाऊन किया जा रहा है। घर से बाहर निकलने पर अब पूरी तरह पाबंदी है। 14 अप्रैल तक यह लॉक डाउन कफ्र्यू सरीखा ही रहेगा। यह समझ लीजिए कि सभी के घर के आगे एक लक्ष्मण रेखा खींच दी गई है जिसे अगर पार की तो जान खतरे में होगी। उन्होंने साफ किया कि देश के सभी राज्य सरकारों को स्वास्थ्य सेवा प्राथमिकता पर रखने का आदेश दिया जा रहा है। देश की स्वास्थ्य सेवा को इस मौके पर 15 हजार करोड़ का बूस्टर डोज यानि बजट भी देने की घोषणा पीएम ने की है।

मोदी के मुताबिक, एक एक नागरिक के जीवन को बचाना सबसे बड़ी प्राथमिकता। उन्होंने कहा कि जरूरी सामानों की आपूर्ति जारी रहेगी। पीएम के मुताबिक लॉक डाउन एक तरह से यह कफ्र्यू ही है, जनता कफ्र्य से ज्यादा सख्त। उन्होंने स्पष्ट किया कि डब्ल्यूएचओ और विशेषज्ञों की सलाह पर ही काम किया जा रहा है।

पीएम ने देश को चेताया कि अगर इसमें लापरवाही की तो, हमारा देश 21 साल पीछे चले जाएगा। पीएम ने समझाया कि अफवाहों पर न ध्यान न दें, न अंधविश्वास पर ध्यान दें। इस बीमारी के लक्षणों के दौरान केवल डॉक्टरी सलाह पर ही दवा लें। कोरोना वायरस के लक्षण दिखने में कई दिन लग जाता हैं। इससे पहले मरीज पूरी तरह स्वस्थ रहता है।

उन्होंने बताया कि इटली, अमरीका की स्वास्थ्य सेवा बेहतरीन है, लेकिन ये देश भी कोरोना का प्रभाव कम न कर सके। कोरोना को नियंत्रित करने का घरों से बाहर न निकलना ही उपाय है, यही अनुभव उन देशों से हमने पाया है।