•   Jul / 02 / 2015 Thu 03:48:21 PM

जनता कफ्र्यू: शहरी शोर की आदत डाल चुके लोगों के कानों का सुकूं दे रहा है चिडिय़ों का चचहाना

Mar 22 2020

जनता कफ्र्यू: शहरी शोर की आदत डाल चुके लोगों के कानों का सुकूं दे रहा है चिडिय़ों का चचहाना

इंडिया इमोशंस न्यूज नेटवर्क, लखनऊ। आज जनता कफ्र्यू का दिन है। भारत की जनता इतिहास रचने की तरफ कदमताल कर रही है। यह कदमताल सड़कों पर नहीं बल्कि सांकेतिक है घर पर रह कर एकजुटता का अटूट परिचय देकर। सभी का मकसद है सोशल डिस्टेंटिंग यानि एक दूसरे से दूरी बनाकर उस चेन को तोडऩा जिसका सहारा लेकर कोरोना एक के बाद एक दूसरे को अपना शिकार बना रहा है। जनता कफ्यू का प्रभाव कोरोना वायरस के प्रभाव को कम कर देगा, हमारे बीच की दूरियां कोरोना के लिए कमजोड़ कड़ी नहीं बन सकेगी, शनै:-शनै: उसका जीवनचक्र पूरा हो जागएा और दुष्प्रभाव शून्य होता जाएगा। इसमें थोड़ा वक्त लग सकता है लेकिन एकसा होगा और मानवजाति की खुशहाली बनी रहेगी। सच पूछिये चहुंओर पसरे सन्नाटे के बीच चिडिय़ों का कलरव यानि चचहाना शहरी शोर की आदत डाल चुके लोगों के कानों का सुकूं दे रहा है।

देशभर के गांवों, शहरों, गली-मुहल्लों, सड़कों पर गजब का सन्नराटा पसरा है, लोग अपने-अपने घरों में है। बाहर निकलने वाले कुछ लोगों को रोकने के लिए पुलिस-प्रशासन मुस्तैद है ताकि अपने देश का मकसद है उसे पूरा किया जा सके। हालंकि यह हम सब की जिम्म्ेदारी है ह िहम स्वर्य बाहर न निकलें और बाहर निकल कर कोरोना वायरास घर लेकर न लौटें, इसके बावजूद अगर कोई बाहर निकल रहा है तो यह मानव जाति के खिलाफ प्रयास माना जाएगा। अति मजबूरी हो या आपकी ड्यूटी हो तो आप ऐसा पुलिस-प्रशासन के सहयोग से कर सकते हैं।

अब सभी को इंतजार है ठीक शाम के पांच बजने का। घड़ी की सुईयां 5 बजाते ही सायरन बज उठेगा। सभी अपने-अपने घरो की बालकनियों, दरवाजों, छतों पर खड़े होकर ताली, थाली व शंख आदि बजा सकते हैं। राजस्थान सहित देश कुछ राज्यों को लॉकडाऊन कर दिया गया है। ऐसा दूसरे अन्य राज्यों में भी किया जा सकता है। सोशल डिस्टेंटिंग का यह प्रयोग भी भविष्य में दोबारा किया जा सकता है। ऐसा करना मानव स्वास्थ्य एंव मानव जाति की सुरक्षा के लिए अति आवश्यक होगा।

कोरोना ने जिस तेजी से भारत में पांव पसारने शुरु किये उससे चहुंओर से आवाजाही पर अंकुश लगाना पुलिस-प्रशासन की मजबूरी हो गई है। दवा की दुकानों और आवश्यक जीवनयापन संबधी वस्तुओं की दुकानें छोड़ सभी तरह की दुकानें बंद करवानी पड़ी हैं। पुलिस का पहरा सभी स्थलों पर काफी सख्त कर दिया गया है, चौराहों, गलियों, मुहल्लों में पुलिस गश्त कर यह सुनिश्चत कर रही है कि कोई बाहर न आये। 24 घंटे पहले से ही स्थानीय जिला प्रशासन ने तत्तकाल प्रभाव से खानपान के स्टाल, ढाबे, होटल, रेस्टोरेंट, जलपान गृह, काफी शॉप, मिठाई की दुकानों को 31 मार्च तक बंद करवा दिया था।