•   Jul / 02 / 2015 Thu 03:48:21 PM

निर्भया के चारों गुनहगारों को 22 जनवरी को फांसी, सीसीटीवी से नजर

Jan 11 2020

निर्भया के चारों गुनहगारों को 22 जनवरी को फांसी, सीसीटीवी से नजर

indiaemotions news desk, नई दिल्ली, निर्भया के चारों गुनहगारों को डेथ वारंट के अनुसार तय तिथि 22 जनवरी को सुबह 7 बजे इन्हें तभी फांसी पर लटकाया जा सकता है जब ये मानसिक और शारीरिक तौर पर पूरी तरह स्वस्थ रहें। तिहाड़ के दो अलग-अलग जेल में बंद निर्भया के चारों गुनहगारों के स्वास्थ्य पर जेल प्रशासन की पूरी नजर है। 7 जनवरी को पटियाला हाउस अदालत ने आदेश दिया था कि चारों दोषियों मुकेश (32), पवन गुप्ता (25), विनय शर्मा (26) और अक्षय कुमार सिंह (31) को 22 जनवरी को सुबह 7 बजे तिहाड़ में फांसी दी जाए।

इनके खानपान से लेकर इनकी पूरी दिनचर्या के बारे में जेल मुख्यालय रोजाना जानकारी ले रहा है। इस बात को देखते हुए जेल प्रशासन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि दोषी मानसिक व शारीरिक तौर पर पूरी तरह स्वस्थ रहे। सूत्रों का कहना है कि जेल प्रशासन सभी दोषियों के स्वास्थ्य पर नजर रखने के लिए एक मेडिकल बोर्ड का भी गठन कर सकता है।


जेल सूत्रों का कहना है कि अभी रोजाना चारों दोषियों की स्वास्थ्य जांच हो रही है। जेल मैनुअल के हिसाब से तय समय पर इन्हें खाना दिया जा रहा है। जेल अधिकारियों का कहना है कि अभी चारों दोषी पूरी तरह ठीक हैं। ये तय समय पर ही खाना ले रहे हैं। यदि कहीं कोई समस्या आएगी तो डाइटीशियन से मदद लेकर सभी का डाइट चार्ट बनाया जा सकता है, लेकिन अभी इसकी जरूरत नहीं है। यदि दोषियों में घबराहट के लक्षण नजर आएंगे तो इनकी काउंसिलिंग भी कराई जा सकती है।
गौरतलब कि निर्भया के गुनहगारों में विनय जेल संख्या चार में तो अक्षय, मुकेश व पवन जेल संख्या दो में बंद हैं। इनकी सुरक्षा को लेकर जेल में पूरी सतर्कता बरती जा रही है। सीसीटीवी से भी इन पर नजर रखी जा रही है।

निर्भया के दोषियों को अंगदान करने के लिए प्रेरित करने और उनसे एक बैठक की मांग को लेकर दायर याचिका को पटियाला हाउस अदालत ने खारिज कर दिया। एक गैर सरकारी संगठन की तरफ से अर्जी दायर कर मांग की गई थी कि दोषियों से तिहाड़ जेल में मुलाकात करने दी जाए, ताकि उन्हें अंगदान के लिए प्रेरित किया जा सके। गुरुवार को सरकारी वकील ने अदालत में कहा था कि इस अर्जी पर अपना पक्ष रखने के लिए समय चाहिए। शुक्रवार को हुई सुनवाई के बाद अदालत ने अर्जी को खारिज कर दिया।