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मंच पर उतरी लखनऊ घराने की परम्परा, सामने आई कथक केन्द्र प्रशिक्षणार्थियों की प्रतिभा

Nov 07 2019

मंच पर उतरी लखनऊ घराने की परम्परा, सामने आई कथक केन्द्र प्रशिक्षणार्थियों की प्रतिभा
नृत्य प्रस्तुति: कथक पल्लव

indiaemotions news network, लखनऊ । शास्त्रीय नृत्य कथक में लखनऊ घराने की परम्परा को विस्तार दे रहे उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी के कथक केन्द्र के प्रशिक्षणार्थियों की प्रतिभा आज शाम ‘कथक पल्लव’ शीर्षित कार्यक्रम में अकादमी की वाल्मीकि रंगशाला गोमतीनगर में निखरकर सामने आई।


केन्द्र की प्रशिक्षिकाओं श्रुति शर्मा, नीता जोशी व अंशिमा चैधरी के निर्देशन में तैयार केन्द्र के प्रथम व द्वितीय वर्ष विद्यार्थियों का यह कार्यक्रम राग भैरवी में बंधी गणेश स्तुति- हे गणपति गजवंदन पधारो..... से तनु, यश्वी, प्राची, रिशिका, गर्विता, रोशिता, सृष्टि व नम्रता ने भावनृत्य कर की।

इसी क्रम में कम आयुवर्ग की यशस्वी, नव्या, अंशिका, नैराधा, दीत्या, वारन्या, जिषा, आराधना, ऋत्विका, कनिष्का, निव्या, अद्रविता, राजविका, विद्यांशी, आरना, नव्या, मिष्ठी व विधांशी ने गुरु वंदना और आगे शताक्षी, युविका, मानवी, ओमिशा सिंह, ओमिशा यादव, मनीषा, राधिका, विधि, वैभवी गुप्ता, वैभवी गौतम, माही, अन्वी श्रीवास्तव, प्रांजलि, यशिता, सिया ने राग यमन व रूपक ताल में निबद्ध गोस्वामी तुलसीदास रचित श्रीराम स्तुति में राम के कल्याणकारी स्वरूपों को दर्शाया।

इससे पहले परम्परागत नृत्य में प्रथम वर्ष की छात्राओं निधि, भव्या, शिवांगी, शगुन, दीप्ति, वैभवी, समृद्धि, यशस्वी, नव्या, रौशनी, श्रेया, आरुषी, नैशा, सुकन्या तेजल व रिद्धि ने तीन ताल में सलामी, तिहाइयां, परन, टुकड़े दिखाये।

इससे अलग डिप्लोमा छात्राओं ने अष्टमंगल, 11 मात्रा विलम्बित ताल में थाट, उठान, तिहाई व मध्य लय में टुकड़े, परन, परमेलू के संग बंदिशों पर प्रस्तुति दी।


श्रुति के निर्देशन में रितिका, राशि, जान्सी, यामिनी, गौरी, सान्वी, वैष्णवी, अंशिका, ऐश्वर्या व अनन्या कृष्णा ने राग मालकौस व द्रुत तीन ताल में निबद्ध तराने की पेशकश रखी तो आगे भव्या, मनाली, व शिवांगी द्वारा प्रस्तुत रचना- श्याम पिया मोरी रंग दे चुनरिया..... में सूफी दर्शन पर थी। नीता के निर्देशन में शगुन, निहारिका, प्रतीक, प्रिया, प्रियांशी, तान्या, अमृता, आरती, यशिका व वंदना ने द्रुत तीन ताल व कलावती राग में बंधी स्वरांजलि की प्रस्तुति में स्वरों की निरंतरता के साथ कथक के अनेक अवयवों को दर्शाया।

नव प्रतिभाओं की इस प्रस्तुति में संगीत निर्देशन व गायन कमलाकांत का रहा। तबले पर राजीव शुक्ल व शहनवाज खां, बांसुरी पर दीपेन्द्र कुंवर व सारंगी पर अर्चना ने साथ निभाया। पढ़न्त अंशिमा चैधरी ने की। अतिथियों का स्वागत अकादमी के सचिव तरुणराज ने किया। इस अवसर पर अनेक कथक प्रेमी रंगशाला में उपस्थित थे।