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करतारपुर कॉरिडोर : श्रद्धालुओं के जरिए हर साल 6 अरब रुपए कमाएगा पाकिस्तान, हर दिन डेढ़ करोड़ रुपए मिलेंगे

Oct 25 2019

करतारपुर कॉरिडोर : श्रद्धालुओं के जरिए हर साल 6 अरब रुपए कमाएगा पाकिस्तान, हर दिन डेढ़ करोड़ रुपए मिलेंगे

इंडिया इमोशंस न्यूज पाकिस्तान के लिए करतारपुर कॉरिडोर फायदेमंद साबित होने वाला है। आर्थिक तंगहाली के बीच कॉरिडोर के जरिए पाकिस्तान को सालाना छह अरब रुपए की आय होने की उम्मीद है। इस गलियारे से होकर भारतीय सिख श्रद्धालु पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के नरोवाल स्थित दरबार साहेब के दर्शन के लिए जा सकेंगे। भारत और पाकिस्तान के बीच गुरुवार को करतारपुर से संबंधित समझौते पर हस्ताक्षर हुए। यह कॉरिडोर डेरा बाबा नानक साहिब और गुरुद्वारा दरबार साहिब को जोड़ेगा।

नरोवाल स्थित ये गुरुद्वारा सिख पंथ के पहले गुरु नानक देव जी के जीवन से जुड़ा हुआ है और अंतरराष्ट्रीय सीमा से केवल चार किलोमीटर दूर है। इसी गुरुद्वारे में गुरु नानक देव जी ने अपने जीवन के अंतिम दिन गुजारे थे। उनकी 550 वीं जयंती के अवसर पर नौ नवंबर को करतारपुर गलियारे का उद्घाटन किया जाएगा और भारत की तरफ से सिख श्रद्धालुओं को 10 नवंबर से इस तीर्थस्थल के दर्शन करने की अनुमति होगी। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान 9 नवंबर को इस कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे।

श्रद्धालुओं के लिए वीजा जरूरी नहीं

दोनों देशों के बीच हुए समझौते के तहत रोजाना पांच हजार श्रद्धालुओं को दरबार साहेब जाने की अनुमति होगी। इसके लिए उन्हें वीजा नहीं लेना होगा, लेकिन पासपोर्ट जरूरी होगा। दरबार साहेब आने वाले हर श्रद्धालु से पाकिस्तान 20 डॉलर (करीब 1420 भारतीय रुपए) का शुल्क वसूलेगा।

कॉरिडोर से आने वाले पांच हजार श्रद्धालुओं से पाकिस्तान को रोजाना एक लाख डॉलर की आय होगी यानी एक साल में उसे तीन करोड़ 65 लाख डॉलर राशि की आय होगी। वर्तमान में डॉलर की तुलना में पाकिस्तानी रुपए का मूल्य 155.72 रुपए है। इस हिसाब से रोजाना उसे 1.55 लाख रुपए और सालभर में करीब छह अरब रुपए की कमाई होगी।

ऑनलाइन पंजीयन कराना होगा

पाकिस्तान स्थित दरबार साहिब जाने के लिए श्रद्धालुओं को ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा, जिसकी प्रक्रिया 24 अक्टूबर (गुरुवार) से शुरू हो गई है। जिन श्रद्धालुओं को दरबार साहेब जाने के लिए अनुमति मिलेगी, उन्हें यात्रा के दिन से तीन-चार दिन पहले ई-मेल अथवा एसएमस के माध्यम से जानकारी भेज दी जाएगी।

दोनों देशों के बीच हुए समझौते के अनुसार यात्रा की तारीख से 10 दिन पहले दरबार साहेब के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की सूची पाकिस्तान को मुहैया करा दी जाएगी। श्रद्धालुओं को दर्शन करके उसी दिन वापस लौटना पड़ेगा। सिख पंथ के संस्थापक गुरु नानक देव जी ने दरबार साहिब में अपने जीवन के आखिरी 18 साल व्यतीत किए थे।