indiaemotions news network, लखनऊ। समाजवादी पार्टी ने सोमवार को ट्वीट करके यह जानकारी दी कि  समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव 9 अक्टूबर को पुलिस मुठभेड़ में मारे गए पुष्पेंद्र यादव के परिजन से मिलने के लिए झांसी जाएंग"/> indiaemotions news network, लखनऊ। समाजवादी पार्टी ने सोमवार को ट्वीट करके यह जानकारी दी कि  समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव 9 अक्टूबर को पुलिस मुठभेड़ में मारे गए पुष्पेंद्र यादव के परिजन से मिलने के लिए झांसी जाएंग"/>
  •   Jul / 02 / 2015 Thu 03:48:21 PM

झांसी पुलिस एनकाउंटर में मारे गये पुष्पेंद्र के घर गए सपा मुखिया अखिलेश यादव

Oct 08 2019

झांसी पुलिस एनकाउंटर में मारे गये पुष्पेंद्र के घर गए सपा मुखिया अखिलेश यादव

indiaemotions news network, लखनऊ। समाजवादी पार्टी ने सोमवार को ट्वीट करके यह जानकारी दी कि  समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव 9 अक्टूबर को पुलिस मुठभेड़ में मारे गए पुष्पेंद्र यादव के परिजन से मिलने के लिए झांसी जाएंगे। सपा ने पूर्व में झांसी पुलिस पर फर्जी एनकाउंटर करने का आरोप लगाया था। बता दे, रविवार तड़के मोंठ इंस्पेक्टर पर गोली चलाने के आरोपी खनन माफिया पुष्पेंद्र यादव को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया था।

पुष्पेंद्र के परिजनों ने पुलिस पर आरोप लगाया है कि बालू का ट्रक पकड़े जाने के बाद पैसा नहीं देने पर पुलिस ने एनकाउंटर दिखाकर पुष्पेंद्र की जान ले ली। पुष्पेंद्र के खिलाफ अभी तक एक भी एफआईआर थाने में दर्ज नहीं है। लेकिन, पुलिस ने माफिया बताकर मार गिराया। पुष्पेंद्र के ट्रक को इंस्पेक्टर धर्मेंद्र सिंह चौहान ने कुछ दिन पहले सीज कर दिया था। लेकिन पुष्पेंद्र जब कोर्ट से रीलीज ऑर्डर लेकर थाने पहुंचे, तो उनसे पैसा मांगने लगे। पैसे न देने पर पुलिस ने रंजिश रख ली और पुष्पेंद्र की हत्या कर दी।

पुलिस के मुताबिक, इंस्पेक्टर पर हमला करने के बाद भाग रहे पुष्पेंद्र ने गुरसरांय इलाके में पुलिस पर फायरिंग की थी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में गोली लगने से पुष्पेंद्र घायल हो गया।पुलिस उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंची, जहां डॉक्टर ने घोषित कर दिया था। मोंठ कोतवाली के इंस्पेक्टर धर्मेंद्र चौहान दो दिन पहले छुट्टी पर घर कानपुर गए थे। शनिवार की रात मोंठ इंस्पेक्टर कानपुर से वासप अपनी कार से मोंठ कोतवाली आ रहे थे।

इस दौरान खनन माफिया ने रास्ते में उनको फोन कर कहा कि वह मिलना चाहता है। इस पर इंस्पेक्टर ने कोतवाली मोंठ से पहले हाइवे पर मिलने के लिए कहा। जैसे वह इंस्पेक्टर से मिलने पहुंचा, वहां बालू का ट्रक पकड़े जाने की बात पर विवाद हुआ और पुष्पेंद्र ने इंस्पेक्टर पर फायरिंग कर दी। कारतूस के छर्रे इंस्पेक्टर के गाल को छूते हुए निकल गए।

किसी तरह इंस्पेक्टर ने भाग कर अपनी किसी तरह से जान बचाई। इसके बाद इंस्पेक्टर ने यह जानकारी थाने पर दी। पुलिस ने हमलावर की घेराबंदी की और मुठभेड़ में पुष्पेंद्र को मार गिराया।