1984 सिख विरोधी दंगों के दोषी यशपाल को फांसी, नरेश को उम्रकैद | दिल्ली सचिवालय में CM केजरीवाल पर मिर्ची पाउडर से हमला | सुषमा स्वराज का ऐलान- नहीं लड़ेंगी अगला लोकसभा चुनाव

विस्तृत समाचार

आज से ही नवरात्र की पूजा शुरू, मां का पूर्ण श्रृंगार

Posted on : Mar 28 2017


आज से ही नवरात्र की पूजा शुरू, मां का पूर्ण श्रृंगार

इंडिया इमोशंस आस्था डेस्क, लखनऊ। नवरात्र का आरंभ अमावस्या वाले दिन प्रतिपदा में होगा। इस वर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा का क्षय है। प्रतिपदा तिथि का क्षय होने से नवरात्रि आठ दिनों की होगी। मंगलवार को सुबह 8 बजकर 26 मिनट पर चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के प्रारंभ होने के साथ ही विक्रम संवत 2074 अर्थात भारतीय नववर्ष ...युगांद 5119... का प्रारंभ हो रहा है परंतु इसी साल में चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि को लेकर पंचाग में भी मतभेद हैं। शुद्ध ज्योतिष गणित के अनुसार चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि मंगलवार सुबह 8 बजकर 26 मिनट को प्रारंभ है परंतु सूर्योदय तिथि के मतभेद के कारण ही कई विद्वान इसे बुधवार प्रात: 6 बजकर 18 मिनट से शुरू होना बता रहे हैं।

उत्तर प्रदेश में देवी आराधना का पर्व चैत्र नवरात्र बुधवार से शुरू हो रहे हैं। चैत्र शुक्ल पक्ष प्रतिपदा से घर-घर देवी की उपासना की जाएगी। लोग व्रत रखेंगेए कलश स्थापना करेंगे। देवी के नौ स्वरूपों की विधिविधान से पूजा अर्चना होगी। इस बार द्वितीया तिथि का क्षय होने से पहले दिन भगवती के शैलपुत्री एवं ब्रह्मचारिणी स्वरूप की पूजा अर्चना की जाएगी।

नवरात्र यानी कि नौ रातों का समूह। ये रात्रि हैं शक्ति की रात्रि, दिव्यरात्रि, ज्ञान, अनुष्ठान, तप, योग के समूह की। नवरात्रों पर जो साधक तप व जप करते हैं उन्हें अपनी साधना का फल मिलता है। इसलिए इसे शक्ति उपासना का पर्व भी कहा जाता हैं। हिंदू नव वर्ष के प्रथम दिन से प्रारंभ होने वाला शक्ति आराधना का पर्व वास्तविक नवरात्र इस बार चैत्र शुक्ल प्रतिपदा 28 मार्च से शुरू होकर चार अप्रैल तक चलेगा। चैत्र मास की नवमी तिथि पर चार अप्रैल को मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा।

नवरात्र का आरंभ अमावस्या वाले दिन प्रतिपदा में होगा। इस वर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा का क्षय है, इसलिए इस वर्ष वास्तविक नवरात्र का आरंभ अमावस्या वाले दिन 28 मार्च को होगा। ज्योतिषाचार्य पंडित नीरज अग्रिहोत्री के अनुसार चार अप्रैल को मध्याह्न के समय नवमी पुनर्वसु नक्षत्र में है। अत: इस वर्ष श्री दुर्गा अष्टमी व श्री रामनवमी एक ही दिन 4 अप्रैल को मनाई जाएगी। चार अप्रैल को अष्टमी सुबह 11 बजकर 10 मिनट तक रहेगी और उसके बाद नवमी तिथि लग जाएगी। जबकि पाच अप्रैल को नवमी सुबह 10 बजकर 4 मिनट तक रहेगी।

वहीं राजधानी के मंदिरों में आज से ही नवरात्र की पूजा शुरू हो गई। मां का पूर्ण श्रृंगार कर दिया गया है। मंदिरों को बिजली की झालरें और फूलों की लडयि़ां लगाकर सजाया गया है। मां के आगमन पर बढ़ती भीड़ के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था भी तेज की गई है।

मां की आराधना के साथ ही मंगलवार से नव संवत्सर की शुरुआत भी है। इस बार साधारण संवत्सर है। इसका संदेश है कि इस पूरे साल स्थिति देशवासियों के अनुकूल बनी रहेंगी। संवत्सर के पहले दिन मां की आराधना सभी मार्ग प्रशस्त करती है। इसी को देखते हुए मंदिरों में पूरी तैयारियां की गई हैं।



अन्य प्रमुख खबरे

इन पत्तों से करें गणेशजी की पूजा, सफल होंगे हर अधूरे काम...

इंडिया इमोशन्स न्यूज़ हिन्दू धर्म शास्त्रों के अनुसार, किसी भी शुभ काम के करने से पहले गणेश पूजन आवश्यक हैं

तो इसलिए महिलाएं छलनी से देखती हैं पति का चेहरा

इंडिया इमोशन्स न्यूज़ करवा चौथ का त्योहार पति-पत्नी के मजबूत रिश्ते, प्यार और विश्वास का प्रतीक है

शंख को इस जगह रखने से होता है लाभ, जानिए शंख के फायदे

इंडिया इमोशन्स न्यूज़ हिंदू धर्म में शंख का बहुत महत्व होता है

जानें, कब से शुरू होंगे नवरात्र

इंडिया इमोशन्स न्यूज़ नवरात्र के नौ दिन मां दुर्गा के नव रूपों की पूजा होती है

जानिए, सावन के महीने में नई शादीशुदा महिलाएं क्यों चली जाती हैं मायके

इंडिया इमोशन्स न्यूज़ सावन का महीना शुरू हो चुका है

अमरनाथ यात्राः जानिए, पवित्र गुफा का इतिहास और अमरत्व का रहस्य

इंडिया इमोशन्स न्यूज जम्मू-कश्मीर में श्री अमरनाथ की पवित्र गुफा की महिमा निराली है

जानें, दीपक कब और कहां जलाने से होते हैं कौनसे फायदे

इंडिया इमोशन्स न्यूज भगवान की पूजा-आराधना करते समय अक्सर हम लोग पूजा की थाली में कपूर और दीपक जलाते हैं

माता सीता ने बताया, इस चमत्कारी मंत्र से मिलेगा मनचाहा Life partner

इंडिया इमोशंस न्यूज हिंदू धर्म ग्रथों में एेसे कई श्लोक दोहे तथा चौपाइयों आदि हैं जिन्हें मंत्र के रूप में प्रयोग किया जाता

अमीरों को भी कंगाल बना देते हैं ये काम

इंडिया इमोशन्स न्यूज भारत के महान विद्वानों में गिने जाने वाले महात्मा विदुर महाभारत के महत्वपूर्ण पात्रों में से एक हैं

जानें, दुनियां का सबसे बड़ा दानवीर कौन

इंडिया इमोशन्स न्यूज दान तन, मन, धन से होता है, लेकिन यह जरूरी नहीं कि धन होने से दान हो

लखनऊ समाचार

सेहत समाचार

बिज़नेस समाचार

धर्म संसार समाचार